कार सर्विस सेंटर, आज के समय में कार सिर्फ एक वाहन नहीं, बल्कि जरूरत, सुविधा और स्टेटस का हिस्सा बन चुकी है। लेकिन कार खरीदने के बाद असली खर्च शुरू होता है — मेंटेनेंस और सर्विस। बहुत से लोग यह मानकर सर्विस सेंटर जाते हैं कि वहां एक्सपर्ट्स हैं, जो ईमानदारी से काम करेंगे।
पर असलियत थोड़ी अलग है। कई सर्विस सेंटर ऐसे तरीके अपनाते हैं जिनसे ग्राहक अनजाने में ज्यादा पैसे चुका देता है।
इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि कार सर्विस सेंटर किन-किन तरीकों से ग्राहकों को बेवकूफ बनाते हैं, और आप कैसे बच सकते हैं।
1. बेवजह पार्ट्स बदलने की सलाह
यह सबसे आम तरीका है।
सर्विस सेंटर अक्सर कहते हैं:
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“ब्रेक पैड खत्म हो गए”
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“एयर फिल्टर बहुत गंदा है”
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“बैटरी कमजोर है”
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“सस्पेंशन में दिक्कत है”
असली स्थिति:
अक्सर ये पार्ट्स अभी काफी समय तक चल सकते हैं, लेकिन ग्राहक तकनीकी जानकारी न होने के कारण भरोसा कर लेता है।
❗ कैसे पहचानें?
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पुराने पार्ट्स वापस मांगें
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दूसरी जगह से चेक करवाएं
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सर्विस मैनुअल में दी गई लाइफ देखें
2. महंगा इंजन ऑयल डालकर बिल बढ़ाना
सर्विस सेंटर अक्सर प्रीमियम या सिंथेटिक इंजन ऑयल डालने की सलाह देते हैं, जबकि आपकी कार के लिए सामान्य ग्रेड पर्याप्त होता है।
वे कहते हैं:
“सर, यह बेस्ट है आपकी कार के लिए”
लेकिन सच:
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हर कार को महंगा ऑयल जरूरी नहीं
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कंपनी मैनुअल में ग्रेड लिखा होता है
❗ बचाव:
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खुद मैनुअल पढ़ें
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पैक खुलते समय देखें
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खाली बोतल वापस लें
3. बिल में छुपे चार्ज जोड़ना
सर्विस के बाद बिल देखें तो उसमें कई अजीब चार्ज होते हैं:
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Shop Supplies
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Environmental Charges
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Cleaning Charges
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Inspection Fees
इनका ग्राहक को पहले नहीं बताया जाता।
❗ क्या करें?
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पहले अनुमानित बिल मांगें
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हर आइटम की जानकारी लें
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अनजान चार्ज हटवाएं

4. “यह अभी नहीं कराया तो बाद में बड़ा खर्च होगा” वाला डर

4. “यह अभी नहीं कराया तो बाद में बड़ा खर्च होगा” वाला डर
यह मनोवैज्ञानिक ट्रिक है।
सर्विस एडवाइजर कहेगा:
“अभी नहीं बदला तो इंजन खराब हो सकता है”
ग्राहक डर जाता है और तुरंत काम करा देता है।
सच:
हर छोटी समस्या तुरंत खतरा नहीं होती।
समाधान:
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तुरंत फैसला न लें
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घर जाकर सोचें
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दूसरी राय लें
5. असली की जगह लोकल पार्ट लगाना
बिल में लिखा होता है “Genuine Part”, लेकिन कई बार लगाया जाता है सस्ता लोकल पार्ट।
कैसे पकड़ें?
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पैकिंग देखें
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पार्ट नंबर चेक करें
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पुराने पार्ट्स वापस लें
6. फ्री सर्विस में छुपे खर्च
“फ्री सर्विस” सुनकर लोग खुश हो जाते हैं, लेकिन:
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लेबर फ्री, पार्ट्स महंगे
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अनावश्यक रिप्लेसमेंट
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ऑयल महंगा
फ्री सर्विस वास्तव में पूरी तरह फ्री नहीं होती।
7. कार की सफाई के नाम पर चार्ज
अक्सर बिल में “Car Wash” या “Interior Cleaning” जोड़ दिया जाता है, चाहे आपने कहा हो या नहीं।
8. काम किया नहीं, बिल बना दिया
कई बार:
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व्हील अलाइनमेंट लिखा
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ब्रेक क्लीनिंग लिखा
लेकिन वास्तव में काम नहीं किया।
जांच कैसे करें?
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टेस्ट ड्राइव
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ब्रेक फील
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टायर घिसावट देखें
9. बैटरी और इलेक्ट्रिकल पार्ट्स में धोखा
बैटरी बदलने की सलाह बहुत जल्दी दी जाती है।
ध्यान रखें:
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बैटरी टेस्ट मशीन से टेस्ट कराएं
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वारंटी पूछें
10. तकनीकी शब्दों से ग्राहक को भ्रमित करना
सर्विस स्टाफ जानबूझकर कठिन शब्दों का उपयोग करता है ताकि ग्राहक सवाल न पूछे।
जैसे:
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Throttle body contamination
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ECU calibration
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Suspension bush failure
समाधान:
“सरल भाषा में समझाइए” बोलें।

11. सर्विस पैकेज बेचने का दबाव

11. सर्विस पैकेज बेचने का दबाव
वे बड़े पैकेज बेचते हैं जिनमें बहुत सी चीजें शामिल होती हैं जिनकी जरूरत नहीं होती।
12. ग्राहक की अनजानगी का फायदा
जिन लोगों को कार की तकनीकी जानकारी नहीं होती, वे ज्यादा निशाना बनते हैं।
✅ खुद को कैसे बचाएं?
✔️ हमेशा सर्विस मैनुअल पढ़ें
✔️ सर्विस से पहले अनुमानित खर्च लिखित में लें
✔️ पुराने पार्ट्स वापस लें
✔️ दूसरी राय लेने में शर्म न करें
✔️ भरोसेमंद लोकल मैकेनिक से सलाह लें
✔️ बिल ध्यान से पढ़ें
✔️ हर बात पर “क्यों?” पूछें
🚘 निष्कर्ष
हर सर्विस सेंटर गलत नहीं होता, लेकिन आंख बंद करके भरोसा करना सही नहीं है। जागरूक ग्राहक ही समझदारी से पैसा बचा सकता है।
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