आज की डिजिटल दुनिया में पढ़ाई का तरीका तेजी से बदल रहा है। पहले जहां केवल स्कूल, कॉलेज और कोचिंग ही पढ़ाई के मुख्य माध्यम थे, वहीं अब मोबाइल, लैपटॉप और इंटरनेट ने शिक्षा को घर-घर पहुंचा दिया है।
कोविड के बाद तो ऑनलाइन पढ़ाई एक ट्रेंड नहीं बल्कि शिक्षा का स्थायी हिस्सा बन चुकी है। दूसरी तरफ, ऑफलाइन (क्लासरूम) पढ़ाई आज भी अनुशासन, वातावरण और व्यक्तिगत मार्गदर्शन के लिए जानी जाती है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल उठता है: ऑनलाइन बनाम ऑफलाइन पढ़ाई — क्या बेहतर है?
इस लेख में हम दोनों तरीकों को गहराई से समझेंगे, उनके फायदे-नुकसान जानेंगे और यह तय करेंगे कि किस छात्र के लिए कौन सा विकल्प सही है।
शिक्षा का बदलता स्वरूप
पिछले दस सालों में इंटरनेट और स्मार्टफोन की पहुंच बढ़ने से शिक्षा का पूरा इकोसिस्टम बदल गया है।
Digital Classes
Recorded Lectures
Live Doubt Sessions
Online Test Series
आज छात्र अपने घर से ही देश के टॉप टीचर्स से पढ़ सकते हैं।
लेकिन इसके साथ ही कई विशेषज्ञ मानते हैं कि मानव संपर्क (Human Interaction) की कमी सीखने की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है।
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