INS विक्रांत: भारत की आत्मनिर्भरता का प्रतीक
INS विक्रांत सिर्फ एक जहाज नहीं है, यह भारत की तकनीकी क्षमता, आत्मनिर्भरता और सामरिक शक्ति का प्रतीक है। इसे पूरी तरह भारत में डिजाइन और निर्मित किया गया है। यह कदम ‘Make in India’ मिशन को नई ऊंचाइयों तक ले जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि भारत अब सिर्फ रक्षा उपकरण खरीदने वाला देश नहीं, बल्कि उन्हें बनाने वाला देश बन चुका है।
दिवाली का उत्सव समंदर के बीच
जहां आम भारतीय अपने घरों में दीप जलाते हैं, वहीं INS विक्रांत के डेक पर देशभक्ति के दीप जल उठे। समंदर की लहरों के बीच जवानों के साथ दीये जलाना, मिठाइयाँ बांटना और “भारत माता की जय” के नारों से पूरा माहौल देशभक्ति में रंग गया।
पीएम मोदी ने जवानों के साथ बातचीत की, उनके परिवारों का हाल जाना और कहा कि हर भारतीय आज उनके साहस और बलिदान का आभारी है।
INS विक्रांत की ताकत क्या है?
- लंबाई: लगभग 262 मीटर
- वजन: 45,000 टन
- भारत में निर्मित: कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा
- क्षमता: 30 से अधिक विमान एक साथ संचालन कर सकते हैं
- स्पीड: 28 नॉट्स तक
यह विमानवाहक पोत भारत की नौसेना को नई रणनीतिक गहराई प्रदान करता है। इसमें आधुनिक युद्धक तकनीक, रडार सिस्टम और अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरण लगे हैं।
पीएम मोदी का भावुक संबोधन
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा — “हमारे सैनिक जब सीमाओं पर होते हैं, तो वे अपने परिवार से दूर होते हैं। उनके कारण ही हम सब चैन की नींद सो पाते हैं। उनके साथ दिवाली मनाना मेरा सौभाग्य है।”
उन्होंने नौसेना के योगदान को याद करते हुए कहा कि INS विक्रांत भारत की उस सोच का उदाहरण है जो आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ रही है।
स्वदेशी रक्षा निर्माण का बढ़ता प्रभाव
पिछले कुछ वर्षों में भारत ने रक्षा क्षेत्र में कई स्वदेशी उपलब्धियाँ हासिल की हैं। तेजस फाइटर जेट, अग्नि मिसाइल, और अब INS विक्रांत जैसी परियोजनाओं ने दुनिया को दिखाया है कि भारत अपनी सुरक्षा क्षमता खुद बना सकता है।
पीएम मोदी ने कहा कि यह दिवाली सिर्फ रोशनी की नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की चमक की दिवाली है।
जवानों के साथ भावनात्मक पल
INS विक्रांत पर मौजूद नौसेना कर्मियों ने बताया कि प्रधानमंत्री का आगमन उनके लिए एक बड़ी प्रेरणा है। जवानों ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब पीएम मोदी ने सैनिकों के साथ त्योहार मनाया हो। वह हर साल किसी न किसी सीमा क्षेत्र या सैन्य स्थल पर जाकर जवानों के साथ त्यौहार मनाते हैं।
दिवाली के मौके पर पीएम मोदी ने नौसेना कर्मियों के साथ मिठाइयाँ साझा कीं, दीप जलाए और कहा — “देश की सीमाएँ सुरक्षित हैं क्योंकि आप जैसे जवान हैं।”
समंदर में गूंजा देशभक्ति का संदेश
INS विक्रांत के ऊपर रोशनी से सजा आकाश, नीचे नीला समंदर, और बीच में जवानों के चेहरे पर चमक — यह दृश्य हर भारतीय के दिल को गर्व से भर देने वाला था। पीएम मोदी ने कहा कि समुद्र की यह गूंज भारत की शक्ति का प्रतीक है।
उन्होंने नौसेना के अधिकारियों से INS विक्रांत की तकनीकी प्रगति और प्रशिक्षण पर भी चर्चा की।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ यह पल
INS विक्रांत पर दिवाली मनाते पीएम मोदी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं। ट्विटर, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर #PMModiOnVikrant और #DiwaliWithNavy जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।
देशभर के लोगों ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह कदम सैनिकों के मनोबल को और ऊँचा करता है।
ऐतिहासिक महत्व भी जुड़ा
INS विक्रांत नाम अपने आप में गौरवशाली इतिहास रखता है। 1971 के युद्ध में इसी नाम के जहाज ने पाकिस्तान पर निर्णायक जीत में अहम भूमिका निभाई थी। नया INS विक्रांत उसी विरासत को आगे बढ़ा रहा है।
दिवाली का असली अर्थ
पीएम मोदी ने कहा कि दिवाली सिर्फ दीये जलाने का त्यौहार नहीं है, बल्कि अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। INS विक्रांत पर दिवाली मनाना यह संदेश देता है कि भारत का भविष्य उज्जवल है और उसकी रक्षा मजबूत हाथों में है।
उन्होंने कहा — “यह दिवाली आत्मनिर्भर भारत के नाम, भारत के वीरों के नाम और हर उस माँ के नाम है, जिसने अपने बेटे को देश के लिए समर्पित किया।”
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की ताकत
INS विक्रांत का निर्माण और उसका संचालन यह साबित करता है कि भारत वैश्विक मंच पर अपनी रक्षा नीति को लेकर आत्मनिर्भर हो चुका है। विदेशी विशेषज्ञों ने भी कहा है कि भारत अब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक मजबूत नौसैनिक शक्ति बन चुका है।
आगे की योजनाएँ
भारत सरकार ने घोषणा की है कि आने वाले वर्षों में INS विक्रांत की तर्ज पर और भी उन्नत जहाज बनाए जाएंगे। रक्षा मंत्रालय ने “Made in India Fleet” की अवधारणा को आगे बढ़ाने की दिशा में कई कदम उठाए हैं।
निष्कर्ष: दीपों की यह रोशनी देशभक्ति से जगमगाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा INS विक्रांत पर दिवाली मनाना सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि एक सशक्त संदेश है — कि देश के जवान, चाहे वे पहाड़ों पर हों या समंदर में, हमारी राष्ट्रीय चेतना के केंद्र में हैं।
इस दिवाली, जब भारत ने अपने घरों में दीप जलाए, उसी समय INS विक्रांत के डेक पर भी वही रोशनी चमक रही थी — जो यह बता रही थी कि भारत का हर दीपक अपने वीर जवानों के सम्मान में जलता है।
🧭 FAQs: INS विक्रांत पर पीएम मोदी की दिवाली से जुड़े सवाल
Q1. पीएम मोदी ने INS विक्रांत पर दिवाली क्यों मनाई?
उन्होंने देश की सुरक्षा में लगे नौसेना जवानों के साथ यह त्योहार मनाकर उनके त्याग और सेवा के प्रति आभार जताया।
Q2. INS विक्रांत की खासियत क्या है?
यह भारत का पहला स्वदेश निर्मित विमानवाहक पोत है, जो भारतीय नौसेना की शक्ति को कई गुना बढ़ाता है।
Q3. INS विक्रांत का निर्माण कहाँ हुआ?
इसका निर्माण कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड, केरल में किया गया है।
Q4. क्या पीएम मोदी हर साल सैनिकों के साथ दिवाली मनाते हैं?
हाँ, यह उनकी परंपरा बन चुकी है। वे हर साल किसी सीमा या रक्षा क्षेत्र में जाकर सैनिकों के साथ दिवाली मनाते हैं।
Q5. INS विक्रांत नाम का क्या ऐतिहासिक महत्व है?
1971 के भारत-पाक युद्ध में पुराने INS विक्रांत ने अहम भूमिका निभाई थी। नया जहाज उसी नाम से भारत की ताकत को फिर से परिभाषित करता है।
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