क्या है ऑपरेशन सिंदूर?
ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना द्वारा इस साल की शुरुआत में सीमावर्ती इलाके में चलाया गया एक उच्च-स्तरीय आतंकवाद विरोधी अभियान था। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य था — सीमा पार से घुसपैठ कर रहे आतंकियों के एक बड़े समूह को रोकना और उनके ठिकानों को नष्ट करना।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ सेक्टर में 72 घंटे तक चला। सेना के जांबाज़ जवानों ने कठिन मौसम, घने जंगल और लगातार गोलीबारी के बीच यह मिशन सफलतापूर्वक पूरा किया।
कौन-कौन होंगे सम्मानित?
गैलेंट्री अवार्ड अधिसूचना के तहत इस बार कुल 28 सैनिकों को वीरता पदक दिए जाने का निर्णय लिया गया है। इनमें से:
- 5 सैनिकों को शौर्य चक्र
- 8 सैनिकों को सेना मेडल (Gallantry)
- 10 सैनिकों को वीरता प्रशस्ति पत्र
- 5 शहीद जवानों को मरणोपरांत सम्मान मिलेगा।
रक्षा मंत्रालय ने यह भी बताया है कि सभी सम्मान गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में प्रदान किए जाएंगे।
गैलेंट्री अवार्ड का महत्व
गैलेंट्री अवार्ड सिर्फ एक मेडल नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा में दी गई सर्वोच्च सेवा की पहचान है। इन पुरस्कारों का उद्देश्य होता है — सैनिकों की बहादुरी, निष्ठा और बलिदान को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देना।
इनमें शामिल प्रमुख पुरस्कार हैं — परमवीर चक्र, महावीर चक्र, वीर चक्र, शौर्य चक्र और सेना मेडल।
रक्षा मंत्री का बयान
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस अधिसूचना के बाद कहा —
“ऑपरेशन सिंदूर ने हमारे सैनिकों की साहसिक क्षमता को पूरी दुनिया के सामने रखा है। भारत के सैनिक सिर्फ सीमाओं की रक्षा नहीं करते, बल्कि वे देश की गरिमा के प्रहरी हैं। उनकी वीरता पर हर भारतीय को गर्व है।”
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता की कहानी
ऑपरेशन सिंदूर को रात के समय शुरू किया गया था। जानकारी मिली थी कि दुश्मन इलाके में आतंकियों ने घुसपैठ कर ली है। भारतीय सेना की स्पेशल यूनिट ने बिना समय गंवाए रात के अंधेरे में ड्रोन, थर्मल कैमरे और सैटेलाइट सहायता से पूरे इलाके को घेर लिया।
सेना के जवानों ने जिस अनुशासन और रणनीति के साथ इस अभियान को पूरा किया, उसने सभी रक्षा विशेषज्ञों को प्रभावित किया। न सिर्फ आतंकियों का ठिकाना ध्वस्त हुआ, बल्कि सीमा पार से सप्लाई चेन भी खत्म कर दी गई।
आधुनिक तकनीक का उपयोग
ऑपरेशन सिंदूर की एक खास बात यह थी कि इसमें AI और रियल-टाइम सैटेलाइट इमेजरी का उपयोग किया गया। यह भारत के लिए एक तकनीकी माइलस्टोन था। डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) ने इस मिशन के लिए विशेष उपकरण और कम्युनिकेशन सिस्टम विकसित किए थे।
भारतीय सेना के एक अधिकारी ने बताया — “इस ऑपरेशन ने दिखाया कि आधुनिक तकनीक और सैनिकों की जांबाज़ी मिलकर किसी भी चुनौती को पार कर सकती है।”
शहीदों को नमन
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 5 सैनिकों ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। इनमें कैप्टन विवेक सिंह, नायक संदीप यादव, हवलदार अमनदीप, लांस नायक परवेज अहमद और सिपाही धीरज सिंह शामिल हैं।
इन वीरों के परिजनों को न सिर्फ सम्मान मिलेगा, बल्कि उनके नाम पर सेना कैंट एरिया में स्मारक भी बनाया जाएगा। यह कदम युवाओं में देशभक्ति की भावना को और प्रबल करेगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विश्व के कई देशों को प्रभावित किया है। अमेरिका, फ्रांस और इजरायल ने भारत के इस मिशन की प्रशंसा की है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह ऑपरेशन भारत की सैन्य कूटनीति को एक नई ऊँचाई पर ले गया है।
पूर्व सैनिकों की प्रतिक्रिया
रिटायर्ड मेजर जनरल सुरेंद्र पवार ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर ने दिखा दिया कि भारतीय सेना की रणनीतिक सोच कितनी सटीक है। गैलेंट्री अवार्ड की यह अधिसूचना उन सैनिकों के साहस को एक स्थायी पहचान देगी।”
अवार्ड चयन की प्रक्रिया
गैलेंट्री अवार्ड के लिए चयन की प्रक्रिया बेहद सख्त होती है। प्रत्येक यूनिट से नामांकन आता है, जिसे तीन स्तर की कमेटियां जाँचती हैं। फिर रक्षा मंत्रालय और राष्ट्रपति कार्यालय अंतिम अनुमोदन देते हैं। इस बार चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल किया गया।
प्रेरणा का संदेश
ऑपरेशन सिंदूर और इसके वीर सैनिक आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा हैं। यह दिखाता है कि देश की सेवा सिर्फ सीमा पर नहीं, बल्कि हर उस जगह होती है जहाँ “भारत” नाम की भावना जिंदा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “ऑपरेशन सिंदूर के वीर भारत के गौरव हैं। उनके साहस और बलिदान को राष्ट्र सदा नमन करता रहेगा।”
इन वीरों की कहानियाँ
कैप्टन विवेक सिंह ने अपने साथियों के साथ 2000 फीट की ऊँचाई पर दुश्मन के ठिकाने पर हमला किया। वहीं नायक संदीप यादव ने घायल होने के बावजूद ऑपरेशन पूरा किया। ऐसी सैकड़ों कहानियाँ हैं जो गैलेंट्री अवार्ड की सूची के पीछे छिपी हैं।
आंकड़ों में गौरव
- कुल पुरस्कार: 28
- मरणोपरांत सम्मान: 5
- अभियान अवधि: 72 घंटे
- ऑपरेशन एरिया: जम्मू-कश्मीर
- सेनाओं की भागीदारी: भारतीय सेना, BSF, NIA
निष्कर्ष
गैलेंट्री अवार्ड सिर्फ मेडल नहीं — यह उन सैनिकों की पहचान है जिन्होंने अपने जीवन को देश के लिए समर्पित कर दिया। ऑपरेशन सिंदूर भारत की सैन्य क्षमता, साहस और अनुशासन का अद्भुत उदाहरण है। इस अधिसूचना के साथ भारत एक बार फिर अपने वीरों को प्रणाम कर रहा है — “जो शहीद हुए हैं, उनकी ज़रा याद करो क़ुर्बानी।”
❓ FAQs: गैलेंट्री अवार्ड और ऑपरेशन सिंदूर
1. गैलेंट्री अवार्ड क्या होता है?
यह एक वीरता पुरस्कार है जो देश के प्रति असाधारण साहस और बलिदान के लिए दिया जाता है।
2. ऑपरेशन सिंदूर कब हुआ था?
ऑपरेशन सिंदूर 2025 की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर में चला था, जिसमें आतंकियों के ठिकाने नष्ट किए गए।
3. कितने सैनिकों को सम्मान मिलेगा?
कुल 28 सैनिकों को इस बार गैलेंट्री अवार्ड दिया जाएगा, जिनमें 5 को मरणोपरांत सम्मानित किया जाएगा।
4. पुरस्कार कब प्रदान किए जाएंगे?
गणतंत्र दिवस 2026 पर राष्ट्रपति भवन में यह सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।
5. ऑपरेशन सिंदूर की खासियत क्या थी?
इस ऑपरेशन में पहली बार AI तकनीक और सैटेलाइट इंटेलिजेंस का संयुक्त प्रयोग किया गया था।
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