PM Modi ने BRICS Summit 2025 में ग्लोबल साउथ की मजबूती से आवाज़ उठाई। जानें इस सम्मेलन में भारत की भूमिका, मुख्य मुद्दे और प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण।
Introduction:
ब्राज़ील के रियो डी जेनेरियो में हुए BRICS Summit 2025 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंच पर पहुंचे, तो सिर्फ भारत ही नहीं, पूरा Global South उनकी बातों को गौर से सुन रहा था।
PM मोदी ने अपने भाषण में वो सारे मुद्दे उठाए जो आज के समय में विकासशील देशों की सबसे बड़ी चिंता हैं — Climate Finance, Terrorism, Global Equity, और दोहरे मापदंड।
यह Summit सिर्फ एक मंच नहीं था, बल्कि एक Global संदेश था कि अब Developing Nations चुप नहीं रहेंगे।
Global South का Champion – PM Modi का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा:
“Global South को वर्षों से दोहरे मापदंडों का शिकार बनाया गया है… अब बदलाव का वक्त है।”
उन्होंने Climate Change, Green Energy Transfer, Affordable Technology जैसे अहम मुद्दों को उजागर किया, और Developed Nations से ज़िम्मेदारी निभाने की अपील की।
Global Governance Reforms और UN जैसे संस्थानों में सुधार की माँग भी ज़ोरदार ढंग से रखी।
आतंकवाद पर मोदी का तीखा वार
मोदी ने हाल ही में पहल्गाम में हुए आतंकी हमले का ज़िक्र करते हुए कहा:
“Terrorism का कोई धर्म, जाति या सरहद नहीं होती। जो देश आतंकवाद को shelter देते हैं, उन्हें उसकी क़ीमत चुकानी चाहिए।”
यह बयान BRICS जैसे forum से आना, भारत की कूटनीतिक ताकत को दर्शाता है।
Multilateral System में सुधार की माँग
PM मोदी ने कहा कि वर्तमान Global Institutions जैसे UN, WTO, IMF आदि में Developing Nations को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिलता।
उन्होंने कहा कि अब समय है:
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Representation बढ़ाने का
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Policy reforms लागू करने का
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और Equitable development को reality में बदलने का
भारत की BRICS में भूमिका
भारत आज BRICS का founding और मजबूत स्तंभ है। PM मोदी ने Summit में ये संदेश भी दिया कि भारत सिर्फ अपनी बात नहीं कर रहा, वो पूरे Global South की भावनाएं रख रहा है।
Summit में मोदी की मुलाकातें Brazil, South Africa और रूस के राष्ट्राध्यक्षों से भी हुईं, जहाँ defense, energy और technology में cooperation पर चर्चा हुई।
सोशल मीडिया रिएक्शन
Twitter/X पर #BRICS2025 और #ModiAtBRICS ट्रेंड कर रहे थे।
लोगों ने कहा:
“Finally, someone said what Global South feels every day!”
“Modi’s stand on terrorism was bold and much-needed.”
“India is becoming a true voice of the oppressed world.”
BRICS Summit 2025 से क्या उम्मीद की जा सकती है?
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Terrorism के खिलाफ collective framework
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Green technology sharing mechanisms
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Global Institutions में reform roadmap
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Global South countries की एकजुट आवाज़
Pros & Cons (संक्षेप में)
Pros:
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Strong leadership by India
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Global South को representation
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Terrorism के खिलाफ unified stance
Cons:
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Developed countries का विरोध
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Reform में समय लग सकता है
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कुछ देशों में geopolitical conflicts
FAQ Section
Q1: PM Modi ने BRICS 2025 में क्या मुख्य मुद्दे उठाए?
Climate Finance, Global South की अनदेखी, terrorism, और global institutions में reforms।
Q2: क्या आतंकवाद पर कोई नई नीति सामने आई?
उन्होंने सख्त शब्दों में आतंक का समर्थन करने वाले देशों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
Q3: BRICS का भारत के लिए क्या महत्व है?
भारत BRICS का founding member है और इस platform से global equity की आवाज़ उठाता है।
Q4: क्या Summit में कोई bilateral agreement हुआ?
Brazil और South Africa के साथ defense और digital cooperation को लेकर बातचीत हुई।
Q5: BRICS 2025 से दुनिया को क्या message मिला?
कि अब Global South भी assertive है और वो अपने हक़ की आवाज़ बुलंद करेगा।
निष्कर्ष (Conclusion):
BRICS Summit 2025 में PM मोदी की मौजूदगी सिर्फ एक diplomatic visit नहीं थी – यह एक statement था।
Statement कि भारत अब Global South की leadership के लिए तैयार है।
Statement कि अब दोहरे मापदंड नहीं चलेंगे।
Statement कि आतंक के खिलाफ अब पूरी दुनिया को एकजुट होना पड़ेगा।
आप इस Summit के बारे में क्या सोचते हैं? नीचे comment ज़रूर करें।
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