Nahay Khay 2025 नहाय खाय क्या है?
Nahay Khay 2025 छठ पूजा, जिसे सूर्य उपासना का सबसे बड़ा पर्व कहा जाता है, चार दिनों तक मनाया जाता है। इसका पहला दिन होता है — नहाय खाय। यह दिन छठ व्रत की शुरुआत का प्रतीक होता है और पवित्रता, अनुशासन और शुद्ध आहार के नियमों की नींव रखता है।
इस दिन व्रती (जो छठ का व्रत रखते हैं) सुबह गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करते हैं और शुद्ध शाकाहारी भोजन ग्रहण करते हैं। कहा जाता है कि नहाय खाय के दिन की गई पवित्रता ही पूरे छठ व्रत की सफलता की पहली सीढ़ी होती है।
छठ पूजा बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, नेपाल और दिल्ली समेत पूरे भारत में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है।
Nahay Khay 2025 Date & Muhurat (तिथि और शुभ समय)
इस वर्ष नहाय खाय 2025 की तिथि 27 अक्टूबर 2025 (सोमवार) को पड़ रही है। इस दिन सूर्यदेव को अर्घ्य देने की परंपरा शुरू होती है और घरों में पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जाता है।
- नहाय खाय तिथि: 27 अक्टूबर 2025
- सूर्योदय का समय: प्रातः 06:16 बजे
- सूर्यास्त का समय: शाम 05:29 बजे
- शुभ स्नान मुहूर्त: सुबह 5:00 बजे से 7:30 बजे तक
इस दिन से छठ पर्व की शुरुआत होती है और अगले चार दिनों तक यह पर्व पूरे श्रद्धा भाव से मनाया जाता है।
नहाय खाय की विधि (Nahay Khay Vidhi)
नहाय खाय के दिन व्रती लोग बहुत ही शुद्धता के साथ नियमों का पालन करते हैं। आइए जानते हैं इस दिन के मुख्य चरण:
- स्नान: व्रती सुबह गंगा, सोन या किसी पवित्र नदी में स्नान करते हैं। यदि नदी उपलब्ध न हो तो घर में गंगाजल मिलाकर स्नान किया जाता है।
- घर की सफाई: इस दिन घर की पूरी सफाई की जाती है और रसोईघर को पवित्र किया जाता है।
- शुद्ध भोजन: व्रती इस दिन केवल एक बार भोजन करते हैं। इस भोजन को “नहाय खाय प्रसाद” कहा जाता है। इसमें आमतौर पर कद्दू, चना दाल और अरवा चावल शामिल होते हैं।
- अन्य नियम: इस दिन लहसुन, प्याज, मांस, मछली, शराब जैसी चीज़ों का सेवन सख्त मना होता है।
यह दिन मन, वचन और कर्म से शुद्ध रहने का प्रतीक माना जाता है। इस दिन की पवित्रता ही आने वाले तीन दिनों की आध्यात्मिक यात्रा का आधार होती है।
नहाय खाय 2025 Wishes & Messages
छठ पूजा के पहले दिन नहाय खाय के अवसर पर अपने प्रियजनों को भेजिए ये सुंदर शुभकामनाएं और मैसेज 👇
- “नहाय खाय के शुभ अवसर पर भगवान सूर्य की कृपा से आपका जीवन उज्जवल हो, सुख-समृद्धि से भर जाए।”
- “छठी मईया का आशीर्वाद सदा आप पर बना रहे, आपके घर में हमेशा खुशियों की किरणें चमकती रहें।”
- “नहाय खाय की हार्दिक शुभकामनाएं! यह दिन आपके जीवन में पवित्रता और नई ऊर्जा लेकर आए।”
- “सूर्यदेव की आराधना से जीवन में नई रोशनी और सफलता के रास्ते खुलें।”
- “नहाय खाय पर्व पर मां गंगा और छठी मईया की कृपा से आपके जीवन से सभी दुख दूर हों।”
इन संदेशों को आप सोशल मीडिया पोस्ट, व्हाट्सएप स्टेटस या अपने ब्लॉग पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
छठ पूजा के चार दिन: एक नजर में
छठ पूजा का हर दिन विशेष होता है और प्रत्येक दिन का अपना अलग धार्मिक महत्व है।
| दिन | तारीख | विवरण |
|---|---|---|
| पहला दिन | 27 अक्टूबर 2025 | नहाय खाय — छठ पूजा की शुरुआत |
| दूसरा दिन | 28 अक्टूबर 2025 | खरना (लौंडा खरना) — व्रतधारी इस दिन निर्जला व्रत रखकर पूजा करते हैं |
| तीसरा दिन | 29 अक्टूबर 2025 | संध्या अर्घ्य — अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है |
| चौथा दिन | 30 अक्टूबर 2025 | उषा अर्घ्य — उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन |
नहाय खाय का आध्यात्मिक महत्व
नहाय खाय सिर्फ धार्मिक परंपरा नहीं बल्कि आध्यात्मिक शुद्धि का प्रतीक है। यह दिन व्यक्ति के शरीर और आत्मा को पवित्र करता है।
माना जाता है कि इस दिन व्रती का हर कर्म सूर्यदेव और छठी मईया को समर्पित होता है। यह दिन व्रत के नियमों को पालन करने का संकल्प लेने का प्रतीक है।
इस दिन का हर कदम — स्नान, भोजन, और ध्यान — अनुशासन, संयम और श्रद्धा का प्रतीक बन जाता है।
लोक परंपरा और सांस्कृतिक रंग
नहाय खाय के दिन से ही घरों में छठ के गीत गूंजने लगते हैं — “केलवा के पात पर उगेल सुगवा…” जैसे गीत बिहार, पूर्वी यूपी और नेपाल के हिस्सों में छठ का माहौल बना देते हैं।
महिलाएं मिट्टी के चूल्हे पर प्रसाद बनाती हैं और घरों में स्वच्छता का खास ध्यान रखा जाता है। गाँवों में बच्चे नदी किनारे दीप जलाते हैं और पूरा इलाका भक्ति के रंग में डूब जाता है।
आधुनिक दौर में नहाय खाय की प्रासंगिकता
आज की व्यस्त जीवनशैली में भी छठ पूजा की महत्ता कम नहीं हुई है। बल्कि विदेशों में बसे भारतीय भी अब इसे बड़े उत्साह से मनाने लगे हैं। अमेरिका, यूके, दुबई, नेपाल और ऑस्ट्रेलिया में छठ महोत्सव आयोजित किए जाते हैं।
लोग वर्चुअल पूजा से जुड़ते हैं, वीडियो कॉल पर अर्घ्य देते हैं, लेकिन भक्ति की भावना वही रहती है — सूर्यदेव और छठी मईया के प्रति अटूट आस्था।
पर्यावरणीय संदेश
Nahay Khay 2025 और छठ पूजा केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम भी है। सूर्यदेव और जल तत्व की पूजा से हमें यह सीख मिलती है कि जीवन का मूल आधार प्रकृति है, और उसकी रक्षा हमारा धर्म।
निष्कर्ष: Nahay Khay 2025 का संदेश
नहाय खाय 2025 का पर्व हमें यह सिखाता है कि जीवन में शुद्धता, अनुशासन और श्रद्धा से ही सच्ची सफलता और सुख प्राप्त किया जा सकता है।
इस दिन की शुरुआत से ही घरों में भक्ति, उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल बन जाता है। सूर्यदेव की आराधना हमें सिखाती है कि प्रकाश ही जीवन है, और छठ मईया हमें याद दिलाती हैं कि समर्पण में ही शक्ति है।
तो इस वर्ष, नहाय खाय के पावन अवसर पर अपने परिवार और दोस्तों को शुभकामनाएं दीजिए और इस पर्व को पूरे श्रद्धा भाव से मनाइए।
FAQ: Nahay Khay 2025 से जुड़े सवाल
1. नहाय खाय कब है 2025 में?
नहाय खाय 2025 सोमवार, 27 अक्टूबर को मनाया जाएगा।
2. नहाय खाय पर क्या खाना चाहिए?
इस दिन कद्दू, चना दाल और अरवा चावल का शुद्ध सात्विक भोजन किया जाता है।
3. क्या नहाय खाय पर व्रती कुछ नहीं खा सकते?
नहीं, इस दिन एक बार सात्विक भोजन किया जाता है, और शाम के बाद व्रती फलाहार भी नहीं लेते।
4. नहाय खाय का महत्व क्या है?
यह दिन छठ पूजा की शुरुआत का प्रतीक है और व्रतधारी की आत्मिक शुद्धि का माध्यम है।
5. क्या विदेशों में भी नहाय खाय मनाया जाता है?
हाँ, अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, दुबई और नेपाल जैसे देशों में भी भारतीय समुदाय इसे बड़े उत्साह से मनाता है।
Read More :- Russian Oil कंपनियों पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंध: यूरोप की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर
Read More :- China Pangong Lake Air Defence Complex: भारत के लिए नई चुनौती?



