नई दिल्ली: देश में जहां एक ओर दीपों का पर्व दिवाली 2025 पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा था, वहीं दूसरी ओर आतंकियों ने अमन के इस त्योहार को दहशत में बदलने की घिनौनी साजिश रची थी। लेकिन भारत की सुरक्षा एजेंसियों की चौकस निगरानी ने आतंकवादियों की योजना को धराशायी कर दिया।
सूत्रों के मुताबिक, खुफिया एजेंसियों को कुछ दिन पहले इनपुट मिला था कि पाकिस्तान से प्रशिक्षित आतंकवादी भारत के उत्तरी राज्यों में किसी बड़े धमाके की तैयारी में हैं। हालांकि, भारतीय सेना और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म कर दिया।
साजिश का पर्दाफाश — किस तरह मिली आतंकी गतिविधियों की भनक?
खुफिया सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर और पंजाब के बॉर्डर एरिया में संदिग्ध गतिविधियों का अलर्ट पहले ही जारी किया गया था। सुरक्षाबलों ने उपग्रह निगरानी और सीमा पार संचार की ट्रैकिंग के जरिए पता लगाया कि कुछ आतंकी दिवाली की रात किसी भीड़भाड़ वाले इलाके को निशाना बनाने की फिराक में थे।
IB और RAW की साझा टीम ने इस मिशन को अंजाम देने से पहले आतंकियों के डिजिटल नेटवर्क को ट्रेस किया। साइबर सेल की टीम ने व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स पर संदिग्ध चैट्स पकड़ीं, जिसमें ‘त्योहार के दिन बड़ी रोशनी’ जैसे कोडवर्ड्स इस्तेमाल किए जा रहे थे।
ऑपरेशन “दीप सुरक्षा” — भारतीय जवानों की त्वरित कार्रवाई
दिवाली की पूर्व संध्या पर, जब देशभर में लोग मिठाइयों और पटाखों की खरीदारी में व्यस्त थे, तब भारतीय सुरक्षा बलों ने एक गुप्त ऑपरेशन शुरू किया — “ऑपरेशन दीप सुरक्षा”।
इस ऑपरेशन में सेना, BSF, NIA और स्थानीय पुलिस की टीमें शामिल थीं। देर रात लगभग 1:30 बजे जम्मू के कठुआ सेक्टर में संदिग्ध मूवमेंट दिखने के बाद इलाके को घेर लिया गया। मुठभेड़ लगभग 4 घंटे चली और तीन आतंकियों को मार गिराया गया।
मारे गए आतंकियों के पास से भारी मात्रा में RDX, ग्रेनेड, सैटेलाइट फोन और पाकिस्तान निर्मित हथियार बरामद किए गए। अधिकारियों का कहना है कि अगर ये आतंकी अपनी योजना में सफल हो जाते, तो दिवाली की खुशियां मातम में बदल जातीं।
“देश के जवानों ने फिर साबित किया — जब तक सीमा पर सैनिक है, देश सुरक्षित है”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सफलता के लिए सुरक्षा बलों को बधाई देते हुए कहा कि, “हमारे जवानों की सतर्कता और वीरता ने लाखों परिवारों को सुरक्षित दिवाली मनाने का अवसर दिया। यह उनका समर्पण है जो हमें गर्व से भर देता है।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी ट्वीट कर लिखा, “दिवाली के मौके पर आतंकवादियों की साजिश नाकाम हुई, यह हमारे जवानों की बहादुरी और उत्कृष्ट प्रशिक्षण का परिणाम है।”
आतंकियों की फंडिंग और नेटवर्क पर गहरी मार
NIA की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इस साजिश के पीछे सीमा पार बैठे कुछ आतंकवादी संगठनों का हाथ था। हवलदार नेटवर्क के जरिए धनराशि भारत में पहुंचाई जा रही थी।
दिल्ली और जम्मू में हुई छापेमारी में लगभग 15 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा, जांच एजेंसियों ने करीब 25 बैंकों के ट्रांजैक्शन पर भी नजर रखी है। बताया जा रहा है कि यह नेटवर्क सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं को बरगलाने की कोशिश कर रहा था।
आतंकी साजिश का असली मकसद क्या था?
जांच के मुताबिक, आतंकियों का मकसद दिवाली जैसे राष्ट्रीय पर्व के दौरान देश में भय का माहौल पैदा करना था। उनका इरादा भीड़भाड़ वाले इलाकों जैसे मंदिरों, मॉल्स और रेलवे स्टेशनों पर हमला करने का था ताकि अधिकतम नुकसान हो सके।
लेकिन भारत की खुफिया एजेंसियों की उच्च-स्तरीय निगरानी और डिजिटल नेटवर्क की ताकत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि देश अब पहले जैसा कमजोर नहीं रहा।
आम जनता की प्रतिक्रिया — “सुरक्षा बलों का यह दीपावली गिफ्ट है”
सोशल मीडिया पर लोग सुरक्षा बलों के इस कदम की सराहना कर रहे हैं। ट्विटर पर #SaluteIndianForces और #DiwaliSafeIndia जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।
लोग कह रहे हैं कि यह खबर सुनकर उनका भरोसा और बढ़ गया है कि देश के जवान हर त्योहार को सुरक्षित बनाने के लिए दिन-रात डटे रहते हैं।
भविष्य के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
गृह मंत्रालय ने इस घटना के बाद देशभर में सुरक्षा और अधिक कड़ी करने के निर्देश दिए हैं। सभी राज्यों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है।
साथ ही, नागरिकों से अपील की गई है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस या हेल्पलाइन नंबर पर दें।
दिवाली का असली संदेश — “अंधकार पर प्रकाश की जीत”
यह घटना एक बार फिर हमें याद दिलाती है कि दिवाली सिर्फ पटाखों और मिठाइयों का त्योहार नहीं, बल्कि यह सच्चाई, जागरूकता और वीरता का प्रतीक है। जिस तरह भगवान राम ने अंधकार पर विजय पाई थी, वैसे ही हमारे जवान हर दिन आतंक के अंधकार पर जीत हासिल कर रहे हैं।
देशवासियों के लिए यह दिवाली वाकई “सुरक्षा बलों” को समर्पित है — क्योंकि उनकी सतर्कता से करोड़ों दीपक बुझने से बच गए।
निष्कर्ष: जब तक भारत के वीर जवान हैं, कोई साजिश सफल नहीं
दिवाली के अवसर पर आतंकियों की नाकाम कोशिश एक संदेश देती है — भारत अब कमजोर नहीं है। चाहे दुश्मन कितना भी बड़ा क्यों न हो, हमारे जवानों की हिम्मत और देशप्रेम उससे कहीं अधिक मजबूत है।
यह दीपावली हमारे सुरक्षाबलों के नाम — जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर देश की रक्षा की और करोड़ों परिवारों की मुस्कान बचाई।
FAQs: दिवाली पर आतंकियों की साजिश से जुड़ी मुख्य बातें
1. क्या वास्तव में आतंकियों ने दिवाली पर हमला करने की कोशिश की?
हाँ, खुफिया एजेंसियों को अलर्ट मिला था कि आतंकी दिवाली की रात भारत में बड़े धमाके की योजना बना रहे थे। लेकिन सुरक्षा बलों की सतर्कता से यह साजिश नाकाम हो गई।
2. कितने आतंकवादी मारे गए?
अब तक की जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के कठुआ सेक्टर में तीन आतंकी मुठभेड़ में मारे गए हैं।
3. क्या किसी नागरिक को नुकसान हुआ?
नहीं, सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई से कोई नागरिक हानि नहीं हुई और देशभर में दिवाली शांति से मनाई गई।
4. सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों में सुरक्षा कड़ी करने के निर्देश दिए हैं और संदिग्ध नेटवर्क पर NIA जांच शुरू की गई है।
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